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हिमाचल: मटौर के लोहे के पुल के ढीले पड़े नट-बोल्ट, हादसे की आशंका के बीच अधिवक्ताओं ने उठाई आवाज

➤ मटौर के लोहे के पुल के नट-बोल्ट ढीले होने पर सुरक्षा को लेकर चिंता

➤ कांगड़ा के अधिवक्ताओं ने एसडीएम को शिकायत पत्र सौंपा

➤ तकनीकी निरीक्षण और मरम्मत पूरी होने तक वाहनों की आवाजाही रोकने की मांग


कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के मटौर स्थित लोहे के पुल की खस्ताहाल स्थिति को लेकर सुरक्षा का मुद्दा उठने लगा है। पुल के कई नट-बोल्ट ढीले पड़ने और कुछ के अपनी जगह से बाहर निकलने की शिकायत सामने आने के बाद कांगड़ा के अधिवक्ताओं ने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है। अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में एसडीएम कांगड़ा को शिकायत पत्र सौंपा है। प्रतिनिधिमंडल ने पुल की स्थिति का तकनीकी निरीक्षण करवाने और जरूरी मरम्मत कार्य जल्द पूरा कराने का आग्रह किया है। साथ ही, उन्होंने मरम्मत पूरी होने तक एहतियात के तौर पर पुल पर वाहनों की आवाजाही रोकने की मांग भी उठाई है।

पुल के नट-बोल्ट ढीले होने से बढ़ी चिंता

अधिवक्ता सौरभ कौंडल ने बताया कि मटौर के लोहे के पुल के कई नट-बोल्ट पूरी तरह ढीले पड़ चुके हैं। कुछ नट-बोल्ट अपनी जगह से बाहर निकल आए हैं। उनके अनुसार, पुल की इस स्थिति से यहां से गुजरने वाले वाहनों और राहगीरों की सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा हो गई है।

पुल से नियमित रूप से गुजरने वाले लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अधिवक्ताओं ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने की अपील की है। उनका कहना है कि पुल की वास्तविक स्थिति का आकलन तकनीकी विशेषज्ञों से करवाना जरूरी है, ताकि किसी संभावित खतरे को समय रहते दूर किया जा सके।

एसडीएम कांगड़ा को सौंपा शिकायत पत्र

मामले को लेकर कांगड़ा के अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम कांगड़ा को शिकायत पत्र सौंपकर पुल की स्थिति से अवगत करवाया। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से संबंधित विभाग को तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश देने का आग्रह किया है।

अधिवक्ताओं ने कहा कि पुल की सुरक्षा से जुड़ी शिकायत पर समय रहते कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने पुल का निरीक्षण करवाने के साथ-साथ मरम्मत से संबंधित जरूरी कदम उठाने की मांग की है।

लोक निर्माण विभाग की तकनीकी टीम से निरीक्षण की मांग

अधिवक्ताओं ने प्रशासन से आग्रह किया है कि लोक निर्माण विभाग की तकनीकी टीम को तुरंत मौके पर भेजा जाए और पुल का गहन निरीक्षण करवाया जाए। निरीक्षण के दौरान पुल के नट-बोल्ट, संरचना और अन्य जरूरी हिस्सों की स्थिति की जांच कराई जा सकती है।

तकनीकी जांच से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि पुल की मौजूदा स्थिति में किस तरह की मरम्मत की जरूरत है। इसके आधार पर संबंधित विभाग आगे की कार्रवाई कर सकता है।

मरम्मत पूरी होने तक आवाजाही रोकने का आग्रह

अधिवक्ताओं ने सुरक्षा के मद्देनजर मांग की है कि जब तक पुल की मरम्मत का काम पूरा नहीं हो जाता, तब तक वहां से वाहनों की आवाजाही एहतियातन रोक दी जाए। उनका कहना है कि पुल की स्थिति को लेकर सामने आई शिकायत पर तकनीकी आकलन और आवश्यक मरम्मत को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

फिलहाल, प्रशासन की ओर से इस शिकायत पर की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी उपलब्ध नहीं है। पुल का निरीक्षण कब होगा और वाहनों की आवाजाही को लेकर क्या निर्णय लिया जाएगा, यह संबंधित प्रशासन और विभाग की कार्रवाई के बाद स्पष्ट होगा।